✨ 4. उपचारात्मक विधियाँ (हमारे द्वारा समन्वित)
| विधि | विवरण |
|---|---|
| आध्यात्मिक स्नान | नीम, तुलसी, गंगाजल से ऊर्जा शुद्धि |
| धूप/धूपन | सफेद साग, लोबान, कपूर द्वारा वातावरण शुद्धि |
| मंत्र चिकित्सा | शांति, सुरक्षा मंत्रों का उच्चारण |
| ऊर्जा चिकित्सा | चक्र संतुलन, प्राणिक हीलिंग |
| रत्न/ताबीज | शुभ रत्न (माना, मोती) या मंत्रित ताबीज की सलाह |
| नमक एवं जल | सैंधा नमक से सफाई, गंगाजल से छिड़काव |
| ध्वनि चिकित्सा | घंटी, शंख, मंत्र जप द्वारा नकारात्मकता भंग |
| मनो-आध्यात्मिक परामर्श | आत्मविश्वास पुनर्स्थापन, भय मुक्ति |
✨ 5. सेवा शुल्क एवं वैधता
इस गहन आध्यात्मिक शुद्धि प्रक्रिया की न्यूनतम लागत
प्रति मामला से आरंभ
शुल्क निर्धारण के आधार:
- समस्या की गहराई एवं जटिलता
- आवश्यक साधना की अवधि
- आवश्यक दिव्य शक्ति का स्तर
भुगतान विकल्प:
💖 विशेष सहायता: आर्थिक रूप से सीमित किंतु आध्यात्मिक रूप से शुद्ध भक्तों के लिए दान-आधारित विकल्प उपलब्ध।
🌺 6. महावैष्णव दर्शन के अनुरूप नैतिकता
भयावह शब्दों का त्याग
हम कभी भी "भूत", "प्रेत" या "शैतान" जैसे भयावह शब्दों का उपयोग नहीं करते। हमारी भाषा सदैव मानवीय गरिमा को बनाए रखती है।
करुणा पर आधारित दृष्टिकोण
हमारा दृष्टिकोण करुणा, समझ एवं उद्धार पर आधारित है – न कि भय या दंड पर। हम सभी आत्माओं को मोक्ष के पथ पर ले जाने का प्रयास करते हैं।
एकत्व की भावना
हम सभी दिव्य रूपों को एक ही परम चेतना के अभिव्यक्ति मानते हैं, अतः विष्णु, हनुमान, लक्ष्मी सभी की शक्तियाँ सम्मिलित की जाती हैं।
✨ 7. महत्वपूर्ण सूचना
- सम्मानपूर्ण दृष्टिकोण: हम सभी संस्कृतियों के प्रति सम्मान रखते हैं और किसी भी परंपरा का अपमान या भयोत्पादन नहीं करते।
- शुद्धि का उद्देश्य: हमारा उद्देश्य केवल रक्षा एवं शुद्धि है – प्रतिशोध या नकारात्मकता नहीं।
- मनोवैज्ञानिक समर्थन: हम मनोवैज्ञानिक समर्थन भी प्रदान करते हैं, क्योंकि कई बार भय स्वयं एक "ऊर्जा बंधन" बन जाता है।
🌸 निष्कर्ष
"जहाँ अंधकार गहरा हो, वहाँ विष्णु की कृपा उजाला बन जाती है।"
"जहाँ नकारात्मकता घेरे, वहाँ लक्ष्मी की कृपा सुरक्षा कवच बन जाती है।"
"महावैष्णव संप्रदाय" की यह सेवा आधुनिक युग की आध्यात्मिक आपातकालीन प्रतिक्रिया है – जो प्राचीन वैदिक ज्ञान, वैष्णव भक्ति एवं सार्वभौमिक करुणा का सजीव उदाहरण है।
"हम आपकी रक्षा करेंगे – दूर से भी, दिव्य शक्ति से।"