Vastu

वास्तु शास्त्र उपचार सेवाएँ - महावैष्णव.कॉम
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वास्तु शास्त्र उपचार सेवाएँ

वास्तु शास्त्र प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो मकान, दफ्तर और अन्य स्थानों में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को सुनिश्चित करता है। गलत वास्तु जीवन में अनेक समस्याओं का कारण बन सकता है। हमारे यहाँ प्रामाणिक वास्तु नियमों के अनुसार उपचार की व्यवस्था है।

हमारे द्वारा घर वास्तु सुधार और कार्यालय वास्तु अनुकूलन जैसी विशेष सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) क्या है?

परिभाषा: वास्तु शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो भवन निर्माण, वास्तुकला और स्थान के सकारात्मक उपयोग से संबंधित है। यह पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) के सामंजस्य पर आधारित है।

वास्तु दोष के प्रभाव

  • आर्थिक समस्याएँ और धन की हानि
  • पारिवारिक कलह और अशांति
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ
  • कार्यस्थल पर असफलता
  • मानसिक तनाव और अवसाद
  • संतान संबंधी समस्याएँ
  • शिक्षा में बाधाएँ
  • व्यापार में नुकसान और ठहराव

वास्तु दोष के मुख्य कारण

  • मुख्य द्वार की गलत दिशा
  • रसोईघर की गलत स्थिति
  • शयनकक्ष में दोष
  • टॉयलेट और बाथरूम की गलत जगह
  • सीढ़ियों का गलत निर्माण
  • घर में बीम और कोलम का दोष
  • पानी की टंकी और कुएं की गलत दिशा
  • घर में कबाड़ और अव्यवस्था

वास्तु के मूल सिद्धांत

दिशाओं का महत्व

पूर्व: सूर्योदय की दिशा, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए शुभ

पश्चिम: सूर्यास्त की दिशा, नाम और यश के लिए

उत्तर: धन और समृद्धि की दिशा

दक्षिण: स्थिरता और सुरक्षा की दिशा

ईशान (उत्तर-पूर्व): सबसे शुभ दिशा, पूजा स्थल के लिए आदर्श

पंच तत्व सिद्धांत

  • पृथ्वी: दक्षिण-पश्चिम कोण, भारी फर्नीचर के लिए
  • जल: उत्तर-पूर्व कोण, जल स्रोतों के लिए
  • अग्नि: दक्षिण-पूर्व कोण, रसोई के लिए
  • वायु: उत्तर-पश्चिम कोण, शयनकक्ष के लिए
  • आकाश: मध्य भाग, खुला और हवादार रखें

✨ नोट: वास्तु दोष को ठीक करने के लिए सही दिशा में सही तत्वों का संतुलन आवश्यक है। छोटे-छोटे परिवर्तन बड़े सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

दिशा अनुसार वास्तु सुधार

मुख्य द्वार वास्तु

शुभ दिशाएँ:

  • उत्तर (धन और समृद्धि)
  • पूर्व (स्वास्थ्य और ऊर्जा)
  • ईशान (आध्यात्मिक विकास)

अशुभ दिशाएँ:

  • दक्षिण (नकारात्मक ऊर्जा)
  • पश्चिम (विलंब और बाधाएँ)
  • वायव्य (व्यर्थ व्यय)

शयनकक्ष वास्तु

  • सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में रखें
  • बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में होना चाहिए
  • दर्पण बिस्तर के सामने न हो
  • टेलीविजन और इलेक्ट्रॉनिक्स कम से कम
  • हल्के और शांत रंगों का प्रयोग

रसोईघर वास्तु

  • रसोई दक्षिण-पूर्व में होनी चाहिए
  • चूल्हा ऐसे रखें कि पकाते समय मुंह पूर्व की ओर हो
  • फ्रिज और वॉटर फिल्टर उत्तर-पूर्व में
  • रसोई साफ और व्यवस्थित रखें
  • टूटे बर्तन तुरंत हटाएँ

वास्तु दोष vs समाधान – तुलना

समस्या वास्तु दोष समाधान
धन की कमी उत्तर दिशा में अवरोध उत्तर दिशा साफ रखें, जल स्रोत बनाएँ
स्वास्थ्य समस्याएँ पूर्व दिशा में भारी वस्तुएँ पूर्व दिशा हल्की और खुली रखें
पारिवारिक कलह दक्षिण-पश्चिम में टॉयलेट टॉयलेट स्थान बदलें या वास्तु उपाय करें
कार्यस्थल समस्याएँ मुख्य द्वार गलत दिशा में द्वार पर वास्तु पिरामिड या स्वस्तिक लगाएँ
शिक्षा में कमजोरी अध्ययन कक्ष पश्चिम में अध्ययन टेबल पूर्व या उत्तर में रखें

✨ महत्वपूर्ण: वास्तु दोष के 80% समाधान सरल परिवर्तनों से किए जा सकते हैं, बिना निर्माण कार्य के।

वास्तु दोष के प्रमुख प्रकार एवं उपाय

दोष प्रकार कारण प्रभाव तत्काल उपाय
मुख्य द्वार दोष गलत दिशा में मुख्य द्वार जीवन में अवरोध, आय में कमी द्वार पर स्वस्तिक, तोरण, घंटी
रसोई दोष रसोई गलत दिशा में स्वास्थ्य समस्याएँ, पैसा खर्च चूल्हे के पास हल्दी-मिर्च लटकाएँ
शयनकक्ष दोष बिस्तर गलत दिशा में नींद न आना, तनाव, रिश्ते में समस्या बिस्तर की दिशा बदलें, दर्पण हटाएँ
टॉयलेट दोष टॉयलेट ईशान या किचन के पास आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य खराब टॉयलेट में नमक का बर्तन रखें
सीढ़ी दोष सीढ़ी घर के बीच में धन हानि, अचानक संकट सीढ़ी के नीचे पूजा स्थल बनाएँ
बीम दोष बीम बैठने या सोने के ऊपर सिरदर्द, मानसिक तनाव बीम को कपड़े से ढकें, पेंट करें
जल स्रोत दोष पानी की टंकी दक्षिण-पश्चिम में धन की बर्बादी, अनावश्यक खर्च टंकी उत्तर-पूर्व में स्थानांतरित करें

प्रदान की जाने वाली वास्तु सेवाएँ

आवासीय वास्तु परामर्श

घर, फ्लैट, बंगले का विस्तृत वास्तु विश्लेषण
प्रक्रिया:
  1. मकान का स्थान और दिशा विश्लेषण
  2. सभी कमरों का वास्तु जाँच
  3. दोषों की पहचान और समाधान सुझाव
  4. वास्तु यंत्र और उपाय सलाह

व्यावसायिक वास्तु परामर्श

कार्यालय, दुकान, फैक्टरी का वास्तु सुधार
प्रक्रिया:
  1. व्यापार स्थल का दिशा विश्लेषण
  2. कैश काउंटर और बॉस केबिन की जाँच
  3. व्यापार वृद्धि के वास्तु उपाय
  4. वास्तु अनुकूल फर्निशिंग सलाह

निर्माण पूर्व वास्तु योजना

नए मकान की वास्तु अनुकूल योजना और डिजाइन
प्रक्रिया:
  1. प्लॉट का वास्तु विश्लेषण
  2. मकान की दिशा और लेआउट निर्धारण
  3. कमरों की स्थिति योजना
  4. निर्माण सामग्री और रंग सुझाव

वास्तु दोष निवारण पूजा

गंभीर वास्तु दोषों के लिए विशेष पूजा अनुष्ठान
प्रक्रिया:
  1. वास्तु पुरुष की पूजा और प्रतिष्ठा
  2. विशेष मंत्र और हवन
  3. वास्तु यंत्र स्थापना
  4. घर की नकारात्मक ऊर्जा शुद्धि

वास्तु यंत्र स्थापना

विशेष वास्तु यंत्रों की प्राण-प्रतिष्ठा और स्थापना
प्रक्रिया:
  1. व्यक्ति की जन्म कुंडली विश्लेषण
  2. उपयुक्त वास्तु यंत्र चयन
  3. यंत्र की प्राण-प्रतिष्ठा पूजा
  4. सही दिशा में यंत्र स्थापना

ऑनलाइन वास्तु परामर्श

वीडियो कॉल के माध्यम से दूरस्थ वास्तु परामर्श
प्रक्रिया:
  1. घर/कार्यालय का वीडियो और फोटो विश्लेषण
  2. लाइव वीडियो कॉल पर चर्चा
  3. डिजिटल रिपोर्ट और सुझाव
  4. फॉलो-अप सत्र और मार्गदर्शन

निष्कर्ष – सकारात्मक ऊर्जा का संचार

वास्तु शास्त्र कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित प्राचीन ज्ञान है। सही वास्तु न केवल आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुष्टि भी प्रदान करता है। आधुनिक वास्तु विज्ञान पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक आवश्यकताओं का सहज समन्वय प्रस्तुत करता है।

🙏 आप चाहें तो अपने घर, कार्यालय या निर्माणाधीन भवन का वास्तु विश्लेषण करवा सकते हैं।

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हमारे अनुभवी वास्तु विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करें। चाहे आप नया मकान बना रहे हों, खरीद रहे हों, या मौजूदा मकान में वास्तु दोष ठीक करवाना चाहते हों, हम आपकी सहायता के लिए यहाँ हैं।

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